🌷 समाज नवाचारक एवं विचार शिल्पी: श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव जी
विगत तीन दशकों से समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, जनजागरूकता, जैविक कृषि और मानवीय सेवा के लिए समर्पित श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव जी का जीवन सकारात्मक परिवर्तन की अनुपम मिसाल है। दीप्ति जी का जन्म बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में हुआ तथा शैक्षणिक जीवन इंदौर में बीता, जहाँ उन्होंने MA, MSW एवं इंटीरियर डेकोरेशन की उच्च शिक्षा प्राप्त की। आपका विवाह उत्तर प्रदेश निवासी परिवार में हुआ और विवाह के उपरांत संस्कारधानी जबलपुर आपकी प्रमुख कर्मभूमि बनी।
व्यावसायिक रूप से वे इंटीरियर डेकोरेशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसके साथ ही वे अपने पति श्री जितेंद्र श्रीवास्तव जी (वित्तीय सलाहकार) के व्यवसाय में भी सहयोगी की भूमिका निभाती हैं। समाजसेवा और व्यावसायिक दायित्वों के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का अत्यंत कुशलतापूर्वक निर्वहन करना उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान और प्रशंसनीय उपलब्धि है।
उनकी विशेष पहचान संगठन निर्माण, लेखन, प्रभावी संवाद, विचार-विमर्श तथा सकारात्मक मानसिकता परिवर्तन की क्षमता के रूप में है। उन्होंने अनेक जागरूकता अभियानों का सफल संचालन किया तथा घरेलू हिंसा और जेंडर असमानता के विरुद्ध राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया।
जैविक कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान: सोनपुर गाँव में मात्र तीन माह के प्रयासों से जैविक कृषि के प्रति जनसामान्य की सोच में परिवर्तन लाने में उन्होंने अभूतपूर्व भूमिका निभाई, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप ग्राम सभा ने सोनपुर को 'जैविक ग्राम' बनाने की विधिवत घोषणा की।
इसके अतिरिक्त उन्होंने विधिक साक्षरता एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, बाल श्रमिक परियोजना का संचालन, लोक अदालत एवं शाला विकास समिति में सहभागिता जैसे अनेक सामाजिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया है। लेखन और जनसंचार के क्षेत्र में भी उनका योगदान विशिष्ट रहा है—वे ‘ब्रह्मपुत्र’ पत्रिका के संपादक मंडल की सदस्य रही हैं तथा आकाशवाणी बिलासपुर के ‘महिला सभा’ कार्यक्रम से लगभग छह वर्षों तक प्रस्तुति, आलेख एवं लेखन के माध्यम से सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं।
सामाजिक संगठनों में सक्रिय रहते हुए उन्होंने शक्ति महाकौशल, चित्रांश कायस्थ परिषद एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा सहित विभिन्न संस्थाओं में शीर्ष दायित्व निभाए हैं और वे अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की पूर्व प्रदेश महिला अध्यक्ष रही हैं। उनके निरंतर योगदान, नवाचारपूर्ण सोच और सामाजिक पहलों को देखते हुए उन्हें “समाज नवाचारक (Social Innovator)” एवं “विचार शिल्पी” से अभिहित किया जाना सर्वथा सार्थक है।
🌹 जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ
समाज सेवा को अपनी जीवन-यात्रा का उद्देश्य बनाने वाली, विचारों को कर्म में बदलने वाली, सामाजिक एवं व्यावसायिक दायित्वों के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने वाली और सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगाने वाली श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि वे सदैव स्वस्थ, प्रसन्न और ऊर्जावान रहें तथा उनकी सेवा, संवेदना और नवाचार की यह यात्रा निरंतर समाज को नई दिशा और प्रेरणा देती रहे।
"दीप्ति जी के व्यक्तित्व की सबसे सुंदर पहचान यही है— वे केवल विचार नहीं करतीं, बल्कि विचारों को आकार देकर उन्हें सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाती हैं।"